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शव को पोस्टमॉर्टम के लिए विधाननगर महकमा अस्पताल भेज दिया गया है
कोलकाता। चंडीबेडिय़ा इलाके में कचरे के ढेर से एक नवजात शिशु का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। वह मासूम, जिसने दुनिया में आने के बाद पहली सांस भी ठीक से नहीं ली, उसे निर्दयता से मौत के हवाले कर दिया गया। स्थानीय लोगों की नजर जब कचरे के ढेर पर पड़ी, तो उन्होंने तुरंत न्यूटाउन थाने को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने कचरे के बीच से नवजात पुत्र शिशु का शव बरामद किया। यह दृश्य इतना हृदयविदारक था कि मौके पर मौजूद लोग भी स्तब्ध रह गए।
प्राथमिक जांच में अनुमान लगाया जा रहा है कि रात के अंधेरे का फायदा उठाकर किसी ने इस नवजात को कचरे के ढेर में फेंक दिया। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिर कौन इस मासूम को यहां छोड़कर गया। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए विधाननगर महकुमा अस्पताल भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद यह साफ हो सकेगा कि बच्चे की मौत जन्म के पहले हुई या जन्म के बाद। यह घटना एक बार फिर समाज और मानवता पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। जिस मां की कोख ने इस बच्चे को नौ महीने तक पाला, वही मां इतनी निर्दयी कैसे हो सकती है? क्या सामाजिक डर, अवैध संबंध, या जिम्मेदारी से बचने की मानसिकता ने एक मां को अपने ही कलेजे के टुकड़े को कचरे में फेंकने पर मजबूर कर दिया? कलयुग की इस तस्वीर ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। आज जब सरकारें 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओÓ और बच्चों के अधिकारों की बात करती हैं, तब इस तरह की घटनाएं समाज की असल सच्चाई उजागर करती हैं। पुलिस का कहना है कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। जांच हर एंगल से की जा रही है और उम्मीद है कि जल्द ही इस मासूम के गुनहगार कानून के शिकंजे में होंगे। फिलहाल, न्यूटाउन में इस घटना को लेकर गुस्से और दुख का माहौल है। हर कोई यही सवाल पूछ रहा है कि क्या इंसान इतना पत्थरदिल हो सकता है कि अपने ही बच्चे को कचरे में फेंक दे?